ख़ारिज दाखिल की प्रक्रिया लटकाने वाले अधिकारियों की अब खैर नहीं, सुप्रीमकोर्ट ने लिया संज्ञान
नामांतरण मामलों(ख़ारिज दाखिल) में देरी पर सुप्रीम कोर्ट को प्रेषित पत्र का मुख्य न्यायाधीश ने लिया संज्ञान

गाँव लहरिया न्यूज़/ नई दिल्ली
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले की पट्टी तहसील में नामांतरण (दाखिल-खारिज) मामलों में हो रही अनावश्यक देरी और भ्रष्टाचार को लेकर पट्टी नगर के वार्ड न०7 निवासी अधिवक्ता उच्च न्यायालय वीर शिवम् सिंह द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को एक पत्र प्रेषित किया गया था । जिसमें उल्लेख किया गया था जहां 9000 से अधिक नामांतरण मामले लंबित हैं तथा इसी क्रम में तहसील प्रशासन सुनियोजित तरीके से नामांतरण मामलों को वर्षों तक लंबित रखता है। किसी भी अपरिचित व्यक्ति द्वारा आपत्ति का अवसर मांग लेने के बाद तहसीलदार बिना किसी जांच-पड़ताल के मामलों को ठंडे बस्ते में डाल देते हैं पत्र प्रेषक द्वारा मांग की गई है कि पूरे सूबे में इस प्रकार के लापरवाह एवं भ्रष्टाचार में लिप्त तहसीलदारों और राजस्व अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए तथा नामांतरण मामलों के शीघ्र निस्तारण हेतु सख्त दिशा-निर्देश जारी किए जाएं ।
बहरहाल सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति संजीव खन्ना ने इस मामले को संज्ञान ले लिया है तथा 149**/SCI/PIL/2025 के रूप में एक जनहित याचिका के तौर पर पंजीकृत किया है । ज्ञात हो कि यह मामला जिले के अलावा पूरे देश प्रदेश में राजस्व विभाग की लेट लतीफी से पीड़ित आम जनमानस के लिए एक बड़ी राहत देने वाला प्रकरण हो सकता है ।